
Cheque Bounce Case चेक बाउंस पर नया नियम लागू, कोर्ट का बड़ा फैसला
नई दिल्ली। अगर आप लेन-देन के लिए चेक का इस्तेमाल करते हैं, तो अब आपको पहले से ज्यादा सतर्क रहना होगा। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने चेक बाउंस मामलों पर सख्त नियम लागू कर दिए हैं, जो 13 जुलाई 2025 से पूरे देश में लागू हो चुके हैं। वहीं, सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट ने भी हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है, जिससे आम लोगों और व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है।
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RBI का सख्त नियम, Cheque Bounce case
RBI का कहना है कि बिना बैलेंस के चेक जारी करना न सिर्फ सामने वाले के साथ धोखा है, बल्कि पूरे बैंकिंग सिस्टम के लिए खतरा है। अब अगर कोई ग्राहक बार-बार ऐसा करता है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, तीन बार चेक बाउंस होने पर खाते को वॉचलिस्ट में डाल दिया जाएगा। अगर आदत नहीं सुधरी तो बैंक खाते से पैसे निकालने तक पर रोक लगा सकता है। यहां तक कि ग्राहक को हाई रिस्क कैटेगरी में डालकर उसकी सुविधाएं जैसे लोन, ओवरड्राफ्ट और FD भी सीमित की जा सकती हैं।
सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट का फैसला
जहां RBI ने जिम्मेदारी तय करने के लिए सख्ती दिखाई है, वहीं सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट ने आम जनता को राहत दी है। पहले Cheque Bounce के केस दर्ज कराने में लोगों को महीनों तक कोर्ट के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब सिर्फ बैंक की रिटर्न रिपोर्ट और मूल दस्तावेज के आधार पर शिकायत दर्ज हो जाएगी।
इतना ही नहीं, कोर्ट ने डिजिटल दस्तावेजों को भी मान्यता दे दी है। यानी अब ऑनलाइन डॉक्यूमेंट अपलोड करके भी केस दर्ज कराया जा सकता है। इससे समय और पैसे की बचत होगी और न्यायिक प्रक्रिया पहले से ज्यादा तेज और पारदर्शी बनेगी।
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किन्हें होगा सबसे ज्यादा असर Cheque Bounce case पर
इस नियम का सबसे ज्यादा असर छोटे और मझोले कारोबारियों, किराना दुकानदारों, एजेंट्स, रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े बिल्डर्स और ब्रोकरों पर पड़ेगा। इसके अलावा वे ग्राहक भी प्रभावित होंगे जो EMI या किराए के लिए पोस्ट-डेटेड चेक का इस्तेमाल करते हैं।
आम लोगों और व्यापारियों को फायदा
RBI का नियम जहां जिम्मेदारी और अनुशासन बढ़ाता है, वहीं कोर्ट का फैसला आम आदमी और छोटे व्यापारियों के लिए राहत का काम करेगा। अब केस दर्ज करना आसान हो जाएगा और आरोपी पर भी दबाव रहेगा कि वह समय पर भुगतान करे।
क्या करें ग्राहक Cheque Bounce होने पर?
बैंकिंग एक्सपर्ट्स का कहना है कि अब ग्राहकों को और सावधान रहना होगा। चेक जारी करने से पहले खाते में बैलेंस जरूर रखें। पोस्ट-डेटेड चेक तभी दें जब आपको पूरा भरोसा हो कि समय पर पेमेंट कर पाएंगे। अगर गलती से चेक बाउंस हो जाए तो तुरंत लाभार्थी से संपर्क कर पेमेंट पूरा कर दें।
Official – RBI Website
Cheque Bounce पर क्रेडिट स्कोर और भविष्य के लोन पर असर
अब सिर्फ चेक बाउंस होने पर बैंकिंग सुविधाओं पर असर नहीं पड़ेगा, बल्कि आपका क्रेडिट स्कोर भी प्रभावित होगा। यानी अगर आप बार-बार चेक बाउंस करते हैं तो भविष्य में लोन, ओवरड्राफ्ट या क्रेडिट कार्ड लेना मुश्किल हो सकता है।
बैंकों के पास अब सेंट्रल डेटाबेस में आपके खाते की जानकारी होगी। अगर आपका नाम हाई रिस्क कैटेगरी में चला गया, तो बैंक आपकी वित्तीय प्रोफ़ाइल को लेकर ज़्यादा सतर्क रहेगा। इस वजह से यह जरूरी है कि चेक देने से पहले हमेशा अपने खाते में पर्याप्त बैलेंस सुनिश्चित करें और पोस्ट-डेटेड चेक का इस्तेमाल सोच-समझकर करें।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर RBI और कोर्ट, दोनों के कदम से साफ हो गया है कि चेक को अब हल्के में लेने का दौर खत्म हो चुका है। Cheque Bounce करना न सिर्फ बैंकिंग सुविधाओं को खतरे में डाल सकता है, बल्कि क्रेडिट स्कोर और भविष्य के लोन पर भी असर डालेगा। दूसरी तरफ, जिनका चेक बाउंस होता है, उनके लिए न्याय पाना अब पहले से आसान और तेज़ होगा।
Published On: October 16, 2025 9:06 AM by Chandrahas