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सरकार ने जारी किया तीसरा राउंड PLI Scheme for Specialty Steel – 2,100 करोड़ का बजट

अगर आप “क्या हो रहा है स्टील इंडस्ट्री में?” सोच रहे थे, तो बढ़िया सुनीये — सरकार ने अब नया कदम उठाया है। जी हाँ, PLI Scheme for Specialty Steel का तीसरा राउंड यानी PLI 1.2 Scheme for Specialty Steel आ गया है। इस बार बजट रखा गया है लगभग 2,100 करोड़ का। चलिए इसे आसान भाषा में समझते हैं — जैसे हम दोस्त में बैठे बातचीत कर रहे हों।
क्या है ये “विशेष स्टील PLI योजना”?
सबसे पहले, यह जान लीजिए कि “विशेष स्टील” यानी वो स्टील जिसमें कुछ ख़ास गुण होते हैं — जैसे सुपर आलॉय, ताम्बे या निकल मिश्रित स्टील, स्टेनलेस लाँग-या फ्लैट, कोटिड स्टील आदि। सरकार ने इसको बढ़ावा देने के लिए यह PLI योजना (production-linked incentive) शुरू की है, ताकि सिर्फ रॉ स्टील बनाने की बजाय उच्च मूल्य वाला स्टील भारत में बने, बाज़ार में बने और विदेशों में जाए।
इस तरह से भारत स्टील उत्पादन प्रोत्साहन मिलेगा — यानी सिर्फ कच्चा माल नहीं, बल्कि काम किया हुआ, एडवांस्ड स्टील बनेगा, जिससे हमारी महंगाई भी कम होगी, आयात पर निर्भरता कम होगी और रोजगार बढ़ेगा।
तीसरा राउंड (PLI 1.2) में क्या-क्या नया है?
- इस बार बजट है ₹2,100 करोड़ का।
- पहले के राउंड्स में लगभग ₹6,322 करोड़ के आउटले के साथ यह योजना शुरू हुई थी।
- यह तीसरा राउंड खास है क्योंकि इसमें लगभग 22 नए स्टील ग्रेड्स को शामिल किया गया है — अर्थात् “यहाँ तक कि वो एडवांस्ड स्टील भी जिसे हम पहले ज्यादा नहीं बना पा रहे थे।”
- इंसेन्टिव रेट्स (उत्साहवर्धन दर) लगभग 4% से 15% के बीच होंगे, अगले पाँच वर्षों के लिए।
- यह योजना मुख्य रूप से उन सेक्टर्स को लक्षित करती है जहाँ एडवांस्ड स्टील की ज़रूरत है — जैसे defence (रक्षा), aerospace (अंतरिक्ष), ऑटोमोबाइल, इंफ्रास्ट्रक्चर।
मित्रों कॉन्टेक्स्ट में देखें तो – क्यों यह मायने रखता है?
सोचिए कि भारत निर्यात बढ़ाना चाहता है, टेक्नोलॉजी के लिहाज़ से आगे बढ़ना चाहता है और आयात पर निर्भरता को कम करना चाहता है। इस स्थिति में “विशेष स्टील PLI योजना” एक बहुत ही स्मार्ट कदम है।
अगर हम सामान्य स्टील बनाते रहेंगे, तो पहले से ही बहुत बने हुए बाज़ार में जाना होगा। लेकिन अगर हम जल्द-बाजी में एडवांस्ड ग्रेड स्टील बनाने लगें, तो दुनिया हमें देखेगी, हमें ऑर्डर मिलेगा, रुपये आएँगे — और हमारा देश “मेक इन इंडिया” में और मज़बूत होगा।
उदाहरण के तौर पर
मान लीजिए कोई स्टील कंपनी है जिसने पहले सिर्फ साधारण फ्लैट स्टील बनाया था। अब वह इस योजना के तहत सब्सिड़ी हासिल करके “कोटेड स्टील” या “टाइटेनियम मिश्रित स्टील” बनाना शुरू करेगी। इससे उसकी लागत में सुधार होगा, लाभ बढ़ेगा, नए उत्पाद बनेंगे — और नतीजा होगा देश में उच्च कीमत वाले स्टील का उत्पादन बढ़ना।
आप-यदि स्टील इंडस्ट्री या निवेश से जुड़े हैं तो ध्यान दें:
- देखिये क्या आपकी कंपनी या आपकी क्षेत्र इस PLI 1.2 की संज्ञा में आती है — 22 ग्रेड्स में से किस-किस में आप काम कर सकते हैं।
- यदि कंपनी स्टील मैन्युफैक्चरिंग में है, तो यह योजना लाभकारी हो सकती है — समय रहते आवेदन करना बेहतर रहेगा।
- इतना ही नहीं — पर्यावरण-सक्षम तरीके से उत्पादन करना अब बहुत मायने रखता है क्योंकि सरकार “स्वच्छ उत्पादन” पर भी जोर दे रही है।
- अगर आप निवेशक हैं, तो यह देखना होगा कि स्टील निर्माता कितनी तेजी से इस योजना का लाभ उठा रहे हैं — प्रदर्शन-मेट्रिक्स बदल सकते हैं।
चुनौतियाँ और बातें जो ध्यान देने योग्य हैं
हर योजना की तरह, इसमे भी कुछ बातें हैं जिनपर ध्यान देना होगा:
- उच्च ग्रेड्स स्टील बनाएँगे तो मशीनरी, टेक्नोलॉजी और कौशल-मैनपावर में निवेश करना पड़ेगा।
- उत्साहवर्धन मिलने के बाद भी मार्केट में ग्राहकी (demand) बनानी होगी — सिर्फ उत्पादन कर लेने से काम नहीं चलेगा।
- आयात प्रतिस्पर्धा से निकलना आसान नहीं है — वैश्विक कीमतें, लॉजिस्टिक्स, गुणवत्ता आदि पर ध्यान रखना होगा।
भविष्य-दृष्टि: यह क्या कर सकता है?
अगर यह योजना अच्छी तरह लागू होती है, तो अगले कुछ वर्षों में यह हो सकता है:
- देश में उच्च मूल्य वाला स्टील उत्पादन बोहुत तेजी से बढ़ेगा।
- आयात पर हमारी निर्भरता कम होगी — जो कि बहुत बड़ी बात है।
- नए रोजगार मिलेंगे, खासकर तकनीकी कौशल वाले काम में।
- भारत को वैश्विक सप्लायर के तौर पर देखा जा सकेगा — सिर्फ बड़े मात्रा में नहीं, बल्कि गुणात्मक-उच्च स्टील के मामले में भी।
निष्कर्ष
तो दोस्तों, संक्षिप्त में — सरकार ने “विशेष स्टील PLI योजना” का तीसरा चरण यानी PLI 1.2 लॉन्च किया है, लगभग ₹2,100 करोड़ के बजट के साथ। इस कदम का मकसद है भारत को स्टील उत्पादन के क्षेत्र में सिर्फ मात्रा में नहीं बल्कि गुणवत्ता और तकनीक में भी आगे ले जाना। यदि आप इस इंडस्ट्री से जुड़े हैं या भविष्य में जुड़ना चाह रहे हैं, तो यह सुनहरा अवसर है। ध्यान रहे — सही समय पर सही निर्णय लेने से लाभ मिलता है।
Published On: November 12, 2025 9:16 AM by Chandrahas